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आईबीजेए और ज्वेलर्स प्लानेट दुबई के बीच हुआ समझौता, ज्वेलरी निर्माताओं को मिलेगा नया प्लेटफार्म ,

आईबीजेए और ज्वेलर्स प्लानेट दुबई के बीच हुआ समझौता, ज्वेलरी निर्माताओं को मिलेगा नया प्लेटफार्म ,

आईबीजेए हमेशा निर्यातकों को संपूर्ण समाधान प्रदान करने के लिए इच्छुक रहता है, जो इस समय किसी भी संगठन के द्वारा नहीं दिया जाता है इसी कड़ी में आईबीजेए और ज्वेलर्स प्लानेट दुबई ने सभी ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स को एक प्लेटफार्म प्रदान करने के लिए हाथ मिलाया है।


आईबीजेए प्रत्येक प्रॉमिसिंग भारतीय ज्वेलरी निर्माता को यूएई दुबई में ऑफिस स्पेस प्रदान करने का इच्छुक है, जो इस समय विश्व के निर्यात का गेटवे है. इस प्रकार आईबीजेए ने 20 से अधिक देशों में निर्यात गेटवे का निर्माण किया है।


याद रहे कि ज्वेलर्स प्लानेट दुबई ,एक ग्लोबल ट्रेडिंग हब है. और 100 से अधिक देशों के इंटरनेशनल ज्वेलरी ब्रांड के साथ दुबई विश्व का ट्रेडिंग पैराडाइज है. अपने सहायक ज्वेलरी बिजनेस समुदाय, कराधान और सुरक्षित बिजनेस वातावरण के लिए विख्यात दुबई विश्व भर के गैलरी निर्माताओं और रिटेलरों के लिए ‘लांच पैड’ के रूप में सेवा प्रदान करने वाला ग्लोबल मार्केट में डायनामिक ट्रेंड बरकरार रखता है।


ग्लोबल मार्केट के लिए दुबई में ज्वेलरी बिजनेस स्थापित करने के लिए ज्वेल ट्रेंड्स एग्जीबिशन आपकी मदद के लिए L. L. C . का आयोजन कर रहा है और अब वह दुबई में बिजनेस स्थापित करने के लिए आपकी मदद करेगा. ज्वेलर्स प्लानेट दुबई, ज्वेल ट्रेंड्स का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है।

IBJA के ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए आईबीजेए के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर चेतन कुमार मेहता ने कहा कि आईबीजेए गेटवे ऑफ एक्सपोर्ट्स फॉर जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री का स्वागत करती है. IBJA इस प्रोजेक्ट के लिए करार करके , 20 से अधिक देशों में अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए ,सभी जरूरी बिजनेस सुविधाओं को पहुंचने में स्पोर्ट करेगी .


आईबीजेए के राष्ट्रीय सचिव श्री सुरेंद्र कुमार मेहता ने कहा कि प्रोजेक्ट विशेष रूप से भारतीय ज्वेलरी निर्माताओं के लिए तैयार किया गया है, जो 20 से अधिक देशों में अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं. मेरा मानना है कि यह प्रोजेक्ट जेम्स एवं ज्वेलरी निर्यात बाजारों को नई और मजबूत विंग प्रदान करेगा. इस प्रोजेक्ट के लिए सभी सपोर्टिंग चैनल पार्टनर है.और इससे देश की जीडीपी में काफी ग्रोथ होने की संभावना है।


एलएलसी दुबई का आयोजन करने वाले ज्वेल ट्रेंड्स एग्जीबिशन के सीईओ ,गोविंद वर्मा ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा कि आईबीजेए गेटवे ऑफ एक्सपोर्ट फॉर जेम्स एंड ज्वेलरी इंडस्ट्री भारत के जेम्स एवं ज्वेलरी निर्माताओं के लिए आईकॉनिक प्लेटफार्म है. और इस प्रोजेक्ट में ज्वेलरी निर्माता को वह सभी सपोर्ट प्रदान करेंगे,इसके अलावा वह विदेश में उनके कारोबार को बढ़ाएंगे, गोविंद वर्मा ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि विश्व में पहली बार इस प्रकार का प्रोजेक्ट पेश हुआ है. इस प्रोजेक्ट की विशेषता यह है

कि ज्वेलरी निर्माता 1 वर्ष के लिए अति किफायती पैकेज में एक छत के तहत सभी सेवाएं प्राप्त करेंगे. इसमें ज्वेलरी निर्माताओं को बहुत मामूली रकम का निवेश करना होगा और उन्हें विश्व भर के अति उत्तम खरीदार कांटेक्ट प्राप्त होंगे.
गोविंद वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इससे विश्वभर के काफी ज्वेलरी निर्माताओं और रिटेलरों को मदद मिलेगी.

गौरतलब है भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग का भारत के ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट यानी (जीडीपी) में 7% प्रतिशत का योगदान है. देश के उद्योग में 5 मिलियन कुशल और अर्ध कुशल कार्यबल इस क्षेत्र कार्यरत है. यह क्षेत्र भारत के कुल मर्चेंडाइज निर्यात में लगभग 10 से 12% का योगदान देता है और इसका तीसरा सबसे बड़ा कमोडिटी हिस्सा है. 2021-22 के दौरान जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात ने 2020-21 के 44% और 2019-20 के 34% वृद्धि के साथ भारत के बढ़ते हुए कुल निर्यात, 419 बिलियन यूएस डॉलर में सहायक भूमिका अदा की है।


जेम्स एंड ज्वेलरी क्षेत्र के सभी स्टेकहोल्डरों के साथ भारत सरकार निर्यात को आक्रमक रूप से बढ़ाने, चुनौतियों की पहचान करने, जरूरी हस्तक्षेप के साथ उनका निराकरण करने, निर्यातकों को विशेष रूप से SME इकाइयों की मदद करने और मौजूदा बाजार को कंसोलिडेट करने के साथ , बाजारों की तलाश करने के लिए अच्छी तरह से प्रतिबंध है.

मजबूत विकास संभावनाओं के साथ भारत सरकार ने प्रमोशन के लिए जेम्स एवं ज्वेलरी क्षेत्र को फोकस एरिया के रूप में भी घोषित किया है. भारत मुख्य रूप से कट एवं पॉलिश्ड डायमंड,लैब ग्रोन सिंथेटिक डायमंड, कलर जेमस्टोंस, सिंथेटिक स्टोन, प्लेन और स्टूडेंट गोल्ड ज्वेलरी, सिल्वर और प्लेटिनम ज्वेलरी, इमिटेशन ज्वेलरी और गोल्ड, सिल्वर आदि के आर्टिकल्स का मुख्य रूप से निर्यात करता है. 2021-22 में निर्यात में लगभग 77% के योगदान के साथ पश्चिम क्षेत्र जेम्स और ज्वेलरी उद्योग के लिए मुख्य एक्सपोर्टिंग हब रहा है. भारत के पश्चिमी क्षेत्र में गुजरात राज्य का एक शहर सूरत , 450 से अधिक संगठित ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर्स, आयातक और निर्यातक इसे विश्व का ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग हब बना रहे हैं।


भारत सरकार वाणिज्य विभाग ने 2022 -23 के लिए 45.7 बिलियन यूएस डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है. वर्तमान वित्त वर्ष में अभी तक (अप्रैल से अगस्त 2022) में प्लेन गोल्ड ज्वेलरी प्रोविजनल कुल निर्यात गत वर्ष की समान अवधि के 1394.57 मिलियन यूएस डॉलर की तुलना में,
21.85% बढ़कर1699.33 मिलियन यूएस डॉलर पर पहुंच गया है । याद रहे कि इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन , आईबीजेए 103 वर्ष पुराना एसोसिएशन है और उसके पास पूरे देश से बड़ी संख्या में ज्वेलर्स सदस्य हैं.

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