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बांग्लादेश के पति पत्नी का पुलिस थाना बना घर अपने देश लौटने के लिए कर रहे है जदोजहद

बांग्लादेश के पति पत्नी का पुलिस थाना बना घर अपने देश लौटने के लिए कर रहे है जदोजहद

घूसखोरी करने पर दंपति ने २ साल की सजा काटी

अब वतन लौटने के लिये दरबदर की खा रहे ठोकरे

पुलिस द्वारा बांग्लादेश के दूतावास से कर रही संपर्क

बांग्लादेश के रहनेवाले एक पति पत्नी को इन दिनों पुणे के फरासखाना पुलिस थाने में ही रहना पड़ रहा है। पति पत्नी पिछले ३ साल से अपने देश और घर लौटने की राह देख रहे है मगर आज भी उन्हें पुलिस थाने में अपना गुजारा करना पड़ रहा है।

मोहम्मद और माजिदा मंडल के बांग्लादेश खुलना जिले के रहनेवाले है और उन्हें तीन बच्चे भी है। घर के नाजुक हालात और पैसो की क्लिल्लत की वजहसे से उन्होंने भारत आने की सोची और फिर एजेंट के सहारे अवैध रूप से घूसखोरी कर भारत भी पहुंचे।

मंडल और उनके पति बांग्लादेश के मूल निवासी हैं, 2019 में उन्हें नौकरी देने के बहाने पश्चिम बंगाल के एक एजेंट द्वारा भारत लाया गया था। दंपति को पुणे लाया गया और पुणे के बुधवार पेठ इलाके में रखा गया। पुणे पहुंचने पर उन्हें पता चला कि एजेंट चाहता है कि महिला पुणे के रेड लाइट एरिया में काम करे। उन्होंने इस काम को करने से इनकार कर दिया और इसलिए एजेंट ने भारत में रहने के लिए वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण उस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि बुधवार पेठ में महिला को कमरे में बंद करके पति को बचाने के लिए रेड लाइट एरिया में काम करने को कहा गया. उसने फिर भी काम करने से इनकार कर दिया और एक दिन बंद कमरे से भागकर पास के पुलिस स्टेशन तक पहुंचने में कामयाब रही।

पुलिस उस एजेंट का पता नहीं लगा पाई जिसने उन्हें भारत लाया था, बल्कि महिला को भारत में रहने के लिए अवैध दस्तावेज होने के कारण गिरफ्तार कर लिया पति पत्नी को अदालत ने उन्हें भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और रहने के लिए 2 साल के लिए जेल भेज दिया।

जून 2021 में दंपति को उनकी सजा पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया और उन्हें रिहा करते समय अदालत ने पुलिस को उन्हें उनके देश में सुरक्षित छोड़ने का आदेश दिया। तब से पुलिस उन्हें उनके देश वापस भेजने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने बांग्लादेश और उसके दूतावास को कई पत्र और ईमेल भेजे हैं, उन्होंने इस जोड़े को बांग्लादेश में अपने ठिकाने की पुष्टि करने के लिए बांग्लादेश के अधिकारियों से भी बात कराइ , लेकिन अब तक बांग्लादेश के अधिकारियों की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

यह दोनों जोड़े 50 दिनों से अधिक समय से पुलिस थाने के अंदर रह रहे हैं क्योंकि पुलिस को अदालत द्वारा इस जोड़े को जेल से रिहा होने के बाद उनके देश वापस भेजने की जिम्मेदारी दी गई है। हालहीमें बकरी ईद के मौके पर फरसखाना थाने के पुलिस अधिकारी त्योहार मनाने के लिए उनके लिए नए कपड़े और मिठाई लेकर आए। पासपोर्ट सत्यापन विभाग के लिए इस्तेमाल होने वाले थाने के कमरे में एक छोटी सी बेंच इस जोड़े को अस्थायी घर बनाने के लिए दी गई है।

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